जाने कैसी चल पड़ी, यह कानून की रेल
सीनियर तो मौज में, जूनियर रहे है झेल
बदली बेंच सभी, उठी बार बार जब मांग
इस कोर्ट से उस कोर्ट, बस सभी रहे भाग
इस भागम भाग में, अब कौन पढ़ेगा केस
देखे अब कौन जीतता, बस मच हुई है रेस
मुवक्किल का केस, है खारिजा में तब्दील
तभी बोला दलाल ने, तेरा कौन रहा वकील
जाकर उनसे कह दो, अब एक बात दो टूक
दबा न सकेगी आवाज, शासन की बन्दूक
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