घेर दिया नारी को तुमने कानूनी कँटीले तारो से
निज़ात इससे मिलेगी क्या ज़ुल्मो अत्याचारों से
यह सोचा है जवानी की लकीर खींचने वालो कभी
ज़ुल्मी कब कहाँ डरते सुविधा युक्त कारागारो से
क़ानून बनाने से पहले नियत सोच बदलनी होगी
वरना भीख माँगते लोग मिलेगे यहाँ गुनहगारो से
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