नेताजी कह गए अबकी रखो सबर होली में
वह भूल के भी न आये लेने खबर होली में
मिठाई गुझिया तो नहीं आते ख्वाब में भी
यह महगाई जो बढ़ा दी इस क़दर होली में
रंग खरीद न सके तो कालिख लिए बैठे है
लगता नेताजी कालिख से गए डर होली में
मुफ़लिसी दगा दे गयी हमसे सच कहला के
कर दिया अमीरी ने हमें जिलाबदर होली में
रंग गुलाल पिचकारी सब तुम्हे हो मुबारक
हमको नसीब नहीं मरने को ज़हर होली में

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