अरमान माँ बाप का बेटा आगे बढ जायगा
इलाहाबाद जा कर कुछ लिख पढ़ जायेगा
पहली समस्या आयी थी वह थी मकान की
उडनी शुरू हुई धज्जिया वही से अरमान की
पढ़ लिख नौकरी के लिए फोटो साटता रहा
नौकरी मिली नहीं सिर्फ वक्त काटता रहा
सोचा नौकरी से अच्छा जलवा वकीलों का
उसी दिन से रास्ता चुन लिया कंटीलो का
बेरोजगार था चला बेरोज़गारी पर आ गया
वकालत में आकर तो बेगारी पर आ गया

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