भारत माँ की गरिमा, अब कौन पूजता संसद में
जिसे जीता कर हमने भेजा, वो ऊँघता संसद में
कौन सा मुद्दा कैसा मुद्दा, अब बहस कहा होती है
शांत हो जाइए बैठ जाइए, यही गूंजता संसद में
लाखो करोडो का नाश्ता-भोजन, चट कर जाते है
आम आदमी के लिए अब, कौन जूझता संसद में
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