यह कैसा है भारत का गणतंत्र तो देखो
जनता के खिलाफ होता षड़यंत्र तो देखो
भूना गया आदमी महगाई के तंदूर पर
खून चूसने वाला सरकारी तंत्र तो देखो
रही नारी जबतक शर्मो हया के परदे में
बन्धन से हुई यह नारी स्वतंत्र तो देखो
होती जहाँ नारिया देवता करते रमण
अपमानित होता यह महामंत्र तो देखो
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