Friday, April 5, 2013


सीधे हमारे घर आना, कोई पहरेदारी नहीं है 
सुना है वही जायोगे, जहाँ ईमानदारी नहीं है 

अभी बिलकुल नए हो, सियासत के शहर में 
सबसे पहले वो मिलेंगे, जिनमें खुद्दारी नहीं है

मैंने आगाह कर दिया, अपने शहर के लोगे से 
फंसने पर ये मत कहना, गलती हमारी नहीं है 

एक जगह है मुनासिब, वो किसी गरीब का घर
जहाँ गरीबी तो रहेगी ही, पर वहाँ गद्दारी नहीं है 


      
  

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